जब पैसे की कमी हो जाएं तो इन बातों को आजमाकर देखिए, खुश हो जाएंगे

आचार्य चाणक्य ने मनुष्य के जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें बताई हैं। उनकी नीतियां मानव जीवन का कल्याण करने वाली होती हैं। एक आदर्श जीवन जीने के लिए चाणक्य नीतियों का अनुसरण अवश्य करना चाहिए। आचार्य चाणक्य ने मनुष्य के जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें बताई हैं। उनकी नीतियां मानव जीवन का कल्याण करने वाली होती हैं। चाणक्य के विचार, मानव मात्र के लिए काफी बहुमूल्य हैं। चाणक्य ने निर्धनता, स्वच्छता, बासी भोजन और शील स्वभाव के बारे में अपने श्लोक में बताया है। इस श्लोक के माध्यम से काफी उपयोगी शिक्षा मिलती है। जीवन में इन बातों का अनुसरण करने से सफलता निश्चित है।

चाणक्य कहते हैं कि मनुष्य को कैसी भी परिस्थिति आ जाए पर अपने धैर्य का त्याग नहीं करना चाहिए। एक निर्धन मनुष्य के पास यदि धीरज है तो उससे बड़ा कुछ नहीं है। गरीबी होने पर भी धीरज होना अति आवश्यक है। धीरज से दरिद्रता भी सुन्दर लगती है।चाणक्य ने स्वच्छता के बारे में कहा है कि मनुष्य के जीवन में साफ-सफाई का अहम किरदार होता है। शास्त्रों और यहां तक विज्ञान में भी इसकी महत्ता बताई गई है। किसी मनुष्य के पास भले ही दो वस्त्र हों लेकिन उसके वेशभूषा में सफाई होने पर वह सादे वस्त्र भी सही हैं। साफ रहने पर मामूली वस्त्र भी अच्छे लगते हैं।

चाणक्य का मानना था कि कभी परिस्थितिवश यदि मनुष्य को ताजा खाना नसीब न हो तो वह बासी खाना खाकर अपनी भूख मिटा सकता है, लेकिन वह बासी खाना गर्म परोस कर खाना चाहिए। इसका अर्थ है कि गर्म करके परोसा गया बासी खाने में भी स्वाद होता है। मनुष्य को इस बारे में सोचकर कभी दुखी नहीं होना चाहिए।

चाणक्य कहते हैं मनुष्य को कभी बाहरी सुंदरता पर ध्यान नहीं देना चाहिए। वह कुछ समय की होती है। ईश्वर ने हर मनुष्य को एक रूप प्रदान किया है जिस पर हमारा वश नहीं है। इसलिए यदि आपका बाहरी रूप सुंदर नहीं है तब भी आपको अपने स्वभाव को विनम्र रखना चाहिए। आपके उदार व्यक्तित्व से कुरूपता भी सुंदरता में परिवर्तित हो जाती है।

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