मृत्यु से पहले सम्राट सिकंदर की थीं ये 3 अंतिम इच्छाएँ, जिसने दिखाई जीवन की वास्तविकता

सिकंदर की कहानियां हम सभी ने सुनी होगी | पिता की मृत्यु के पश्चात सिकंदर पूरे विश्व को जीतने के लिए निकल पड़ा | सिकंदर के सिर पर यह जूनून सवार था कि वह संसार के कोने कोने में अपना अधिपत्य स्थापित कर सके | लेकिन भारत आकर उसका भी पतन शुरू हो गया | भारत में सिकन्दर की मृत्यु युद्ध के दौरान एक विषाक्त तीर के लगने से हुई थी | मृत्यु से पहले उसने केवल तीन इच्छाएँ ही जताई, जिससे आज भी सभी को सीख मिलती है | आइये जानते हैं |

सिकंदर महान ने कहा था कि जिस मार्ग से उसकी शवयात्रा निकाली जाए, वहाँ ढेर साड़ी धन दौलत बिछा दी जाए, जो उसने दुसरे राज्यों पर फ़तेह करके प्राप्त की थी | ताकि लोग यह देख सकें कि अकूत संपदा का स्वामी होने के बाद मृत्यु से कोई नहीं बच सकता |

सिकंदर महान की दूसरी इच्छा थी कि जिन वैद्यों ने मिलकर उसका इलाज किया, वे ही उसकी अंतिम यात्रा में उसे कन्धा दें ताकि लोग यह देख सकें कि संसार में किसी भी मनुष्य के पास इतना सामर्थ्य नहीं जो मृत्यु को हरा सके |

सिकंदर की तीसरी और आखिरी इच्छा थी कि उसका जनाज़ा ले जाते समय उसके दोनों हाथों को बाहर की ओर खुला छोड़ दिया जाए ताकि दुनिया यह देख सके कि संसार में एकत्रित की गयी असीम धन सम्पदा और शक्तियां सब यहीं छूट जाती हैं और मनुष्य खाली हाथ ही इस संसार से जाता है | इसीलिए अधिक लालच से कोई लाभ नहीं | आगे भी ऐसी ही ज्ञानवर्धक जानकारी पाने के लिए कृपया हमें फॉलो करें |

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