मसूद अजहर बोला- भारत की धमकी हम पर वही असर करती है जो कवि के लिए तारीफें

आतंकी ठिकानों पर भारत की एयरस्ट्राइक की खबर पर मसूद अजहर की प्रतिक्रिया कुछ इस तरह की थी. “मैं देर रात ये कॉलम लिख रहा था, जब भारत की ओर से बमबारी की खबर आई. मैं इस पर बाद में और बातें कहूंगा. अभी के लिए ये कह सकता हूं कि कोई नुकसान नहीं हुआ है. भारत के नेता बेईमान हैं. ” “भारत की धमकियां”, वह आगे कहता है, ”हमारे लिए वही काम करती हैं जो किसी कवि के लिए दर्शकों की वाहवाही. ये नशा शराब से भी ज्यादा शक्तिशाली है.”

दो बार, आतंकवादी समूह जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के प्रमुख मसूद अजहर ने परमाणु हथियारों से लैस भारत और पाकिस्तान को युद्ध के किनारे पर ला खड़ा कर दिया; तीन बार, पाकिस्तान की सरकार ने उसे हिरासत में लिया और वादा किया कि उसके तमाम जेहादी संस्थानों पर ताला पड़ जाएगा.

अब, बालाकोट में जैश परिसर में भारत के हवाई हमले के मद्देनजर, इस्लामाबाद ने एक बार फिर नफरत के साम्राज्य को खत्म करने की कसम खाई है. लेकिन संभावनाएं कम हैं कि ये कार्रवाई पुरानी कार्रवाइयों से किसी भी तरह से अलग होगी.

अब भी उतना ही सक्रिय
जेएमएम के खुद के शब्दों से ये साफ है कि उनका ऑपरेशन 22 फरवरी को खत्म नहीं हुआ. इसी रोज पंजाब सरकार ने घोषणा की कि वो बहावलपुर में जैश के दो मुख्य भवनों को कब्जे में ले रही है. पाकिस्तान के सूचना मंत्री, फवाद चौधरी ने भी उस दिन घोषणा की कि सरकार आतंकवाद के खिलाफ देश की राष्ट्रीय कार्य योजना को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसके मायने हैं आतंकवाद से जुड़े किसी भी समूह पर कड़ी कार्रवाई.

शब्दों और वास्तविकता के बीच जैश का लेखन यानी साहित्य पर्याप्त फर्क दिखाता है. असल में, जैश पाकिस्तान के उस आधिकारिक दावे को खारिज करने की कोई कोशिश नहीं करता कि उसके संगठन या संगठन प्रमुख के आतंकवाद से कोई संबंध नहीं.

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