बेड़िया-बाछड़ा: बेटियों की देह पर जीता एक समाज!

बेड़िया व बांछड़ा जाति की लड़कियां अब देह व्यापार का धंधा नहीं करना चाहतीं। वे भी शादी करके अपना घर बसाना चाहती हैं। कुछ युवाओं ने इस जाति की लड़कियों को देह व्यापार से निकालने के लिए उनसे शादी कर सामाजिक सोच व सामाजिक बदलाव की दिशा में एक नई पहल की है।

राज्य महिला आयोग ऐसे जोड़ों को सम्मानित करेगा। यह बात महिला आयोग की अध्यक्ष उपमा राय ने गुरुवार को आयोग मुख्यालय में आयोजित बेड़िया व बांछड़ा समुदाय समिति की बैठक में कही। समिति की प्रभारी आयोग की सदस्य कविता पाटीदार ने बताया कि इस जाति की महिलाओं की समस्या जानने के लिए सर्वे किया गया।

इसमें यह तथ्य उभरकर आया कि सेक्स वर्कर को अपने बच्चों के जाति प्रमाण पत्र बनवाने में सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है, जबकि शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि मां की जाति को आधार मानकर बच्चों का जाति प्रमाणपत्र बनाया जाए।

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