सीबीएसई ने 10वीं के सिलेबस में किया बदलाव, सामाजिक विज्ञान के हटाए गए 5 चैप्टर

सीबीएसई ने कक्षा 9वीं और 10वीं की सामाजिक विज्ञान की पुस्तकों से तीन चैप्टर हटा दिए हैं। इसमें वर्क, लाइफ एंड लेजर, द नेशनलिस्ट मूवमेंट इन इंडो-चाइना, नॉवल्स, सोसायटी एंड हिस्ट्री शामिल है। जबकि राजनीति शास्त्र का एक पाठ अब सिर्फ आंतरिक परीक्षाओं में पूछा जाएगा, बोर्ड में नहीं। वहीं, अर्थशास्त्र के पाठ्यक्रम में कंज्यूमर राइट्स पाठ को अब प्रोजेक्ट में शामिल कर दिया गया है। इससे बच्चे यह पाठ पढ़ेंगे तो लेकिन बोर्ड परीक्षाओं के लिए इनको रटना नहीं पड़ेगा। हालांकि, ये तीनों चैप्टर राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एंव प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के मोबाइल एप ई-पाठशाला पर उपलब्ध रहेंगे।

ये हैं अध्याय 
शासन व्यवस्था के साथ ही राजनीतिक सुधार के समक्ष समस्याओं के संबंध में ‘लोकतंत्र की चुनौती’, सामाजिक विभेद की राजनीति पर ‘लोकतंत्र और विविधता’, नेपाल और बोलीविया समेत अन्य स्थानों में संघर्ष विषय पर ‘राजनीतिक संघर्ष और आंदोलन’। दो अन्य अध्यायों में जैव विविधता, घटते वन, एशियाई चीता और अन्य लुप्तप्राय प्राणियों के बारे में ‘वन और वन्य जीव’ तथा जल संरक्षण विषय पर ‘जल संसाधन’ हैं।

यह देखने को मिलेगा बदलाव

सामाजिक विज्ञान में इतिहास, राजनीतिक विज्ञान, भूगोल और अर्थशास्त्र आते हैं। नौवीं क्लास में विज्ञान और मैथ्स में करीब 15-15 चैप्टर होते हैं, जबकि सामाजिक विज्ञान में 24 होते हैं। 10वीं में मैथ्स और विज्ञान में 16-16 चैप्टर हैं, जबकि सामाजिक विज्ञान में 28 चैप्टर हैं। अब इतिहास के कुछ चैप्टर हटाने के बाद नौवीं में सामाजिक विज्ञान के 20 और 10वीं में 25 चैप्टर रह जाएंगे।

स्कूलों को भेजे गए सिलेबस के साथ लिखा गया है, ‘अध्याय का मूल्यांकन समय-समय पर ली जानी वाली परीक्षाओं में होगा लेकिन बोर्ड की परीक्षा में इसका मूल्यांकन नहीं होगा।’ बोर्ड ने पिछले महीने स्कूलों को एक परिपत्र जारी कर कहा था कि वह अपने मूल्यांकन पैटर्न को भविष्य की जरूरतों के मुताबिक तैयार करना चाहता है क्योंकि मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने 2021 में अंतरराष्ट्रीय छात्र मूल्यांकन कार्यक्रम (पीआईएसए) में हिस्सा लेने का फैसला किया है।

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