समाजवादी पार्टी ने बदला अपना प्रत्याशी, अब बर्खास्त BSF जवान तेज बहादुर यादव को दिया टिकटचुनाव 2019

लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election) की सरगर्मियों के बीच समाजवादी पार्टी (SP) ने वाराणसी से ‘चौकीदार’ के खिलाफ बीएसएफ (BSF) के पूर्व जवान को मैदान में उतारा है. सपा ने वाराणसी से पूर्वघोषित उम्मीदवार शालिनी यादव (Shalini Yadav) की जगह पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के खिलाफ बीएसएफ के बर्खास्त जवान तेज बहादुर यादव (Tej Bahadur Yadav) को टिकट दिया है.

वाराणसी लोकसभा सीट के लिए नामाकंन के तीसरे दिन तेज बहादुर के अलावा प्रेमनाथ शर्मा ने मौलिक अधिकार पार्टी के प्रत्याशी के रूप में पर्चा दाखिल किया। नामांकन के पहले दिन एक और दूसरे दिन छह लोगों ने नामांकन दाखिल किया था। इस प्रकार वाराणसी लोकसभा सीट से अब तक कुल 9 लोग नामांकन दाखिल कर चुके हैं।

बीएसएफ कांस्टेबल तेज बहादुर को बर्खास्त कर दिया गया था, दरअसल उन्होंने सैनिकों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर पिछले वीडियो जारी किया था। इसी के विरोध में तेज बहादुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने का फैसला किया। उन्होंने कहा था कि वह सुरक्षा बलों में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाएंगे। सरकार पर निशाना साधते हुए यादव ने कहा था कि मुझे सच बोलने की वजह से बर्खास्त किया गया। यहां तक कि संसदीय समिति ने मेरे पक्ष में रिपोर्ट दी। इसके बावजूद मुझे नौकरी से बर्खास्त किया गया।

ट्विटर पर सक्रिय
बीते कुछ दिनों से तेजबहादुर ट्विटर पर बेहद सक्रिय हैं। उन्होंने मोदी सरकार की आलोचना वाली भी कई पोस्ट डाली हैं। वह सरकार की नीतियों पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं। हम ये भी तय करना चाहते थे कि ये कोई फर्जी ट्विटर अकाउंट तो नहीं है। हमारे इस सवाल पर तेजबहादुर ने तस्दीक की कि ट्विटर अकाउंट उन्हीं का है और ये सारी पोस्ट उन्होंने खुद डाली हैं। उन्होंने कहा कि आवाज उठाने के लिए अब कोई दूसरा तरीका नहीं बचा है।

तेजबहादुर के वीडियो में क्या था ?
2017 में बीएसएफ के जवान तेजबहादुर का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने खराब खाने को वीडियो के माध्यम से दिखाया था। वीडियो में उन्होंने खाने की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए थे। बता दें कि तेजबहादुर का वीडियो सामने आने के बाद उन्हें अनुशासनहीनता के आरोप में बीएसएफ से बर्खास्त कर दिया गया था।

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