दिल्ली के अंतिम हिन्दू सम्राट की वो प्रेम कहानी जिसने भारत का इतिहास बदल दिया

दिल्ली के अंतिम हिन्दू सम्राट की वो प्रेम कहानी जिसने भारत का इतिहास बदल दिया

भारतीय इतिहास में कई प्रेम कहानियां हुईं जिन्हें आज भी याद किया जाता है। इनमें एक अनोखी प्रेम कहानी थी पृथ्वीराज चौहान और संयोगिता की। पृथ्वीराज चौहान दिल्ली के आखिरी हिन्दू शासक रहे जिन्होंने दिल्ली पर शासन किया था।संयोगिता कन्नौज की राजकुमारी थीं। एक बार उनके राज्य में एक चित्रकार आया। उसके पास कई राजा-रानियों की तस्वीरें थीं। लेकिन कन्नौज की लड़कियां एक तस्वीर की दीवानी हो गईं। ये तस्वीर किसी और की नहीं बल्कि…

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भगवान राम की सेना में एक ऐसा वीर था जिसने एक दिन में पृथ्वी की इक्कीस बार परिक्रमा की थी

भगवान राम की सेना में एक ऐसा वीर था जिसने एक दिन में पृथ्वी की इक्कीस बार परिक्रमा की थी

भगवान राम ने जब रावण से युद्ध किया तो उनकी सेना में एक से बढ़कर एक योद्धा थे जो रावण के बड़े बड़े योद्धों पर भारी थे. रामजी की सेना में हनुमान, सुग्रीव, अंगद, नल और नील जैसे महान योद्धा थे. इन सब के आलावा एक वीर ऐसा था जिसने एक दिन में ही पृथ्वी की इक्कीस बार परिक्रमा की थी. उस योद्धा का नाम जाम्बवन्त था. जब सभी देवताओं ने भगवान राम की सहायता…

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चाणक्य नीति, किसी से भी अपना काम निकलवाना हो तो अपनाएं ये 7 तरीके

चाणक्य नीति, किसी से भी अपना काम निकलवाना हो तो अपनाएं ये 7 तरीके

आचार्य चाणक्य ने किसी काम को पूरा करने के लिए 7 तरीके बताएं हैं। चाणक्य सूत्र ग्रंथ के पहले अध्याय के 97 वें सूत्र में बताया है कि कोई भी काम पूरा करने के तरीको में साम,दाम,दण्ड, भेद, माया, उपेक्षा और इंद्रजाल आते हैं। आचार्य बताते हैं कि इन 7 तरीको से कोई भी काम पूरा हो सकता है। आचार्य चाणक्य का ये सूत्र किसी भी राजा को सफल बनने के लिए दिया गया था।…

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इन लोगों की मदद न करें और इनसे दूर रहें, चाणक्य नीति के अनुसार

इन लोगों की मदद न करें और इनसे दूर रहें, चाणक्य नीति के अनुसार

चाणक्य नीति में आचार्य कौटिल्य ने अपनी एक नीति में बताया है कि किन लोगों की मदद नहीं करनी चाहिए वरना आप खुद परेशानी में पड़ सकते हैं। आचार्य चाणक्य ने बताया कि कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनकी मदद करने पर आप स्वयं मुश्किल में पड़ सकते हैं। समय, काल, परिस्थिति, धर्म और नीतियों को ध्यान में रखकर आचार्य चाणक्य ने कुछ लोगों को वर्ग विशेष में बांटा है। इसके अनुसार उन्होंने बुद्धि और…

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हिन्दू कैलेंडर से जानिए किस तारीख को जन्मे लोग कैसे होते हैं

हिन्दू कैलेंडर से जानिए किस तारीख को जन्मे लोग कैसे होते हैं

जिस प्रकार से अंग्रेजी में तारीख होती है उसी प्रकार से हिन्दू कैलेंडर के अनुसार भी महीने की तारीख होती है। हिन्दू कैलेंडर में प्रतिपदा से लेकर अमावस्या तक और फिर प्रतिपदा से लेकर पूर्णिमा तक दो पक्षों की तिथियां होती हैं। दरअसल हर हिन्दू माह दो पक्षों में बंटा हुआ है, अमावस्या तक कृष्ण पक्ष की तिथियां होती हैं और फिर प्रतिपदा से लेकर पूर्णिमा तक की तिथियां शुक्ल पक्ष की तिथियां कहलाती हैं।…

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लालच नहीं, विवश होकर कैकेयी ने दिया था अपने प्रिय पुत्र श्रीराम को वनवास

लालच नहीं, विवश होकर कैकेयी ने दिया था अपने प्रिय पुत्र श्रीराम को वनवास

कैकेयी को रामायण का सबसे नकारात्मक किरदार माना जाता है। सामान्यतौर पर यही धारणा विद्यमान है कि कैकेयी की वजह से ही श्रीराम को अपने परिवार से दूर जाना पड़ा, कैकेयी के ही कारण भगवान राम को 14 वर्षों का कष्टप्रद वनवास झेलना पड़ा और साथ ही जिस राजपाठ पर उनका अधिकार था, उसे भी उन्हें खोना पड़ा। हम जबसे रामायण पढ़ते और इससे संबंधित कहानियां या कथाएं सुनते आए हैं उनके अनुसार कैकेयी के…

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एक गलती की वजह से 12 वर्ष के लिए अलग हो गए थे कृष्ण और रुक्मिणी

एक गलती की वजह से 12 वर्ष के लिए अलग हो गए थे कृष्ण और रुक्मिणी

जो लोग द्वारका स्थित श्री कृष्ण के मंदिर गए हैं उन्हें यह अवश्य ज्ञात होगा कि द्वारकाधीश के मंदिर में उनके साथ उनकी पत्नी, उनकी अर्धांगिनी रुक्मिणी विराजित नहीं है। अवश्य ही ये सवाल आपके मस्तिष्क में आया भी होगा कि ऐसा क्यों? परंतु शायद आपने ज्यादा जानने की कोशिश भी ना की हो। खैर आज हम आपको एक ऐसी कथा सुनाने जा रहे हैं, जो स्वयं आपके इस सवाल का जवाब है। कथा के…

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रामायण के अनुसार इन 3 बातों को कभी ना भूलने वाला इंसान ही अंत में सफल होता है

रामायण के अनुसार इन 3 बातों को कभी ना भूलने वाला इंसान ही अंत में सफल होता है

रामायण कथा के अनुसार राजा बलि देवराज इन्द्र के पुत्र और अंगद का पिता था। देवराज इन्द्र ने बालि को एक हार दिया था और ब्रह्मा जी के वरदान के अनुसार जब भी बालि वह हार पहनकर अपने शत्रु के सामने जाएगा तो उसके शत्रु की आधी शक्ति क्षीण हो जाएगी। इस वरदान की वजह से बालि अजेय था, उसका वध करना लगभग असंभव था।जिस मनुष्य को अपनी मृत्यु का भय ना हो वह कुछ…

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अपने भाइयों के कारण ही विधवा हुई थी कौरव-पांडवों की इकलौती बहन ‘दुशाला’

अपने भाइयों के कारण ही विधवा हुई थी कौरव-पांडवों की इकलौती बहन ‘दुशाला’

जब भी महाभारत की बात होती है तो बुराई पर अच्छी की जीत के साथ ही पांडव, कौरव, द्रौपदी, श्रीकृष्ण और पात्रों की भी बात होती है. इनके बारे में अपने कई किस्से सुने होंगे. लेकिन क्या आपको पता है कि पांडवों की ही एक बहन थी, जिसका नाम था दुशाला. असल में दुशाला कौरवों की बहन थी, लेकिन चूकिं कौरव और पांडव भाई थे तो वो इनकी इकलौती बहन थी. बहुत से लोग दुशाला…

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चाणक्य के अनुसार कभी ना करें इन 3 लोगों की मदद

चाणक्य के अनुसार कभी ना करें इन 3 लोगों की मदद

हमें बचपन से ही यह सिखाया जाता है कि हमें जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए। फिर वह मदद धन के रूप में हो या अपनी उपस्थिति दर्ज करवाकर की गई मदद, दोनों ही तरीके सही हैं। हमारे समाज में किसी की मदद करने को अच्छे संस्कार के रूप में दर्शाया जाता है।चंद्रगुप्त को महाराजा चंद्रगुप्त मौर्य बनाने वाले एवं प्राचीन भारत के महान अर्थशास्त्री आचार्य चाणक्य ने जीवन के कई उसूलों पर भी बात की…

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